Motivational

KYA BHAGYA HOTA HAI ?                                                                                  आप मे से कई लोग यह सोचते होगे कि जो मेरे भाग्य मे होगा वही होगा पर क्या यह बात सही है।                      
                                                              तो चलिए आज  हम आपको यह बात साबित कर दू कि भाग्य जैसी कोई चिज नही होती है। आपको हम एक उदहारण देते है,की अगर एक चिड़ीया वह आपने भाग्य पर निरभर हो जाए  कि मेरा घोसला खुद बन जाए और फिर हम उसमे अपनी अंडा को देंगे।तो क्या यह सम्व है नही न ,                
                                                              तो वह अपना घोसला खुद बनाता है।और वह एक-एक तिनका को इकठा् करता है ।  और वह पुन: अपनी घोसले का र्निमान करता है और फिर अपने  अंडे देती है । ये तो एक पक्षी है और यह अपना भाग्य स्वयम बनाता है,पर हम तो मनूष्य है। तो हमें इस से यह सीख मिलती है कि भाग्य जैसी कोइ चिज नही होती है। हम तो मनुष्य है और हम अपनी भाग्य का चयन खुद कर सकते है ,तो हमे मेहनत करनी चाहिए तभी हम अपना भाग्य बदल सकते है।

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